दो चरों में रैखिक समीकरण युग्म : परिचय तथा NCERT प्रश्नावली 3.1

 

परिचय तथा NCERT प्रश्नावली 3.1

समीकरण, जिसको ax + by + c = 0 के रूप में रखा जा सकता या निरूपित किया जा सकता है, जहाँ, a, b तथा c वास्तविक संख्याएँ हैं तथा a एवं b दोनों शून्य नहीं हैं, (a2+b2 ≠ 0 ), दो चरों x और y में एक रैखिक समीकरण (LINEAR EQUATION IN TWO VARIABLES) कहलाता है।

उदाहरण:

2x + 3y – 5=0

यहाँ, a = 2, b = 3 तथा c = – 5 जो कि वास्तविक संख्याएँ हैं।

तथा 22 + 32 ≠ 0

उपरोक्त समीकरण (2x + 3y – 5 = 0) का हल

मान लिया कि x = 1 तथा y = 1 को रैखिक समीकरण (2x + 3y – 5 = 0) में रखने पर

अत:,

2 × 1 + 3 × 1 – 5=0

⇒ 2 + 3 + 5 = 0

⇒ 0 = 0

अर्थात बायाँ पक्ष (LHS) = दायाँ पक्ष (RHS).

अत: x = 1 तथा y = 1 दिये गये रैखिक समीकरण का हल है।

ज्यामितीय दृष्टि से रैखिक समीकरण का अर्थ (Geometrically meaning of Linear Equation)

समीकरण का प्रत्येक हल उसको निरूपित करने वाली रेखा पर स्थित एक बिन्दु होता है।

यह किसी भी रैखिक समीकरण के लिए सत्य है, अर्थात दो चरों वाले रैखिक समीकरण ax + by + c = 0 का प्रत्येक हल (x,y) इस समीकरण को निरूपित करने वाली रेखा के एक बिन्दु के संगत होता है और विलोमत: भी ऐसा होता है।

दो चरों में रैखिक समीकरणों का एक युग्म (या रैखिक समीकरण युग्म)

दो चरों x और y में समीकरणों को दो चरों में रैखिक समीकरणों का एक युग्म कहते हैं।

दो चरों x और y में रैखिक समीकरणों के युग्म का व्यापक रूप है

a1x + b1y + c1 = 0

तथा a2x + b2y + c2 = 0

जहाँ, a1, b1, c1, a2, b2, c2 सभी वास्तविक संख्याएँ हैं और

a12 + b12 ≠ , a22 + b22 ≠

उदारण:

2x + 3y – 7 = 0 तथा 9x – 2y + 8 = 0

ज्यामितीय दृष्टिकोण से दो चरों में रैखिक समीकरणों के ये युग्म कैसे हैं ?

यदि एक तल में दो रेखाएँ हैं, तो निम्न से से केवल एक ही संभावना हो सकती है :

(i) दोनों रेखाएँ एक बिन्दु पर प्रतिच्छेद करती हैं।

(ii) दोनों रेखाएँ प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, अर्थात वे समांतर हैं।

(iii) दोनों रेखाएँ संपाती हैं।

एनoसीoइoआरoटीo प्रश्नावली 3.1 के हल (Solution of NCERT Exercise 3.1 class ten mathematics)

प्रश्न संख्या: 1. आफताब अपनी पुत्री से कहता है, 'सात वर्ष पूर्व में तुमसे सात गुनी आयु का था। अब से 3 वर्ष बाद मैं तुमसे केवल तीन गुनी आयु का रह जाऊँगा।' (क्या मनोरंजक है?) इस स्थिति को बीजगणितीय एवं ग्राफीय रूपों में व्यक्त कीजिए।

हल:

मान लिया कि आफताब की वर्तमान आयु = x

तथा उसकी पुत्री की वर्तमान आयु = y

अत:,

अब से सात (7) वर्ष पहले आफताब की आयु = x – 7

अब से सात (7) वर्ष पहले आफताब के पुत्री की आयु = y – 7

प्रश्न के अनुसार,

(x – 7) = 7(y – 7)

⇒ x – 7 = 7y –  49

⇒ x – 7y = – 49 + 7

⇒ x – 7y = – 42 --------(i)

अब सी तीन वर्ष बाद,

आफताब की आयु = x + 3

तथा आफताब के पुत्री की आयु = y + 3

प्रश्न के अनुसार,

(x + 3) = 3(y + 3)

⇒ x + 3 = 3y + 9

⇒ x – 3y = 9 – 3

⇒ x + 3y = 6 -------(ii)

अत: दिये गये स्थिति का बिजगणितीय निरूपण निम्नांकित है:

x – 7y = – 42 तथा

x – 3y = 6

अब,

x – 7y = – 42 के लिये

⇒ x = – 42 + 7y -------(iii)

दिये गये समीकरण (iii) के हल का टेबल

x– 777
y567

x – 3y = 6 के लिए

⇒ x = 6 + 3y

दिये गये समीकरण के हल का टेबल

x630
y0– 1– 2

अत: दिये गये समीकरण युग्म का ज्यामितीय प्रतिरूपण

x – 7y = – 42 तथा

x – 3y = 6

प्रश्न संख्या: 2. क्रिकेट टीम के एक कोच ने रूo 3900 में 3 बल्ले तथा 6 गेंदें खरीदीं। बाद में उसने एक और बला तथा उसी प्रकार 3 गेंदें रू. 1300 में खरीदीं। इस स्थिति को बीजगणितीय तथा ज्यामितीय रूपों में व्यक्त कीजिए।

हल:

मान लिया कि बल्ले का मूल्य = Rs x.

तथा गेंद का मूल्य = Rs y.

प्रश्न के अनुसार,

3x + 6y = 3900.

⇒ 3(x + 2y) = 3900

⇒ x + 2y = 39003

⇒ x + 2y = 1300 ----------(i)

तथा, x + 3y = 1300 --------(ii)

अब समीकरण (i) से

x = 1300 – 2y

दिये गये समीकरण (i) के हल का टेबल

x630
y0– 1– 2

तथा समीकरण (ii) से

x = 1300 – 3y

दिये गये समीकरण (ii) के हल का टेबल

x400100–200
y300400500

अत: दिये गये स्थिति का बीजगणितीय निरूपण:

3x + 6y = 3900 or x + 2y = 1300

तथा, x + 3y = 1300

दिये गये स्थिति से प्राप्त समीकरणों का ज्यामितीय प्रतिरूपण:

प्रश्न संख्या: 3. 2 kg सेब और 1 kg अंगूर का मूल्य किसी दिन Rs 160 था। एक महीने बाद 4 kg सेब और 2 kg अंगूर का मूल्य Rs 300 हो जाता है। इस स्थिति को बीजगणितीय तथा ज्यामितीय रूपों में व्यक्त कीजिए।

हल:

मान लिया कि 1 किलो सेब का मूल्य = Rs x

तथा 1 किलो अंगूर का मूल्य = Rs y

अत: प्रश्न के अनुसार

2x + y = 160 --------(i)

एक महीने बाद

4x + 2y = 300 -------(ii)

⇒ 2(2x + y) = 300

⇒ 2x + y = 3002

⇒ 2x + y = 150 --------(iii)

अब समीकरण (i) से

x = 160 – y2

दिये गये समीकरण (i) के हल का टेबल

x506070
y604020

समीकरण (ii) से

4x + 2y = 300

⇒ x = 300 – 2y4 ---(iv)

दिये गये समीकरण (ii) के हल का टेबल

x506070
y503010

अत: दी गई स्थिति का बीजगणितीय रूपण

2x + y = 160 and

4x + 2y = 300 or 2x + y = 150

दी गई स्थिति का ज्यामितीय निरूपण

रैखिक समीकरण युग्म का ग्राफीय विधि से हल

रैखिक समीकरण युग्म के प्रकार (Types Pair of Linear Equations)

(i) रैखिक समीकरणों का संगत युग्म (Consistent pair of Linear Equations)

(ii) रैखिक समीकरणों का असंगत युग्म (Inconsistent pair of Linear Equations)

(iii) रैखिक समीकरणों का आश्रित युग्म (Dependent pair of Linear Equations)

(i) रैखिक समीकरणों का संगत युग्म (Consistent pair of Linear Equations)

एक रैखिक समीकरण युग्म, जिसका हल अद्वितीय, अर्थात केवल एक ही हल होता है, रैखिक समीकरणों का संगत युग्म (CONSISTENT PAIR OF LINEAR EQUATIONS IN TWO VARIABLES) कहलाता है।.

रैखिक समीकरणों के संगत युग्म के ज्यामितीय प्रतिरूपण करने पर ग्राफ की रेखाएँ एक बिन्दु पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं। इस स्थिति में, समीकरण युग्म का अद्वितीय हल होता है। ऐसे समीकरण युग्म को अविरोधी समीकरण युग्म भी कहते हैं।

उदारण:

x – 2y = 0 और 3x + 4y =0

इस समीकरण युग्म का एक और केवल एक ही हल (4, 2) है।

यहाँ, a1 = 1, a2 = 3, b1 = – 2 तथा b2 = – 20

[a1, a2, b1 and b2 समीकरण के गुणांक हैं।]

इस स्थिति में, a1a2 ≠ b1b2

i.e. 13 ≠ – 204

(ii) रैखिक समीकरणों का असंगत युग्म (Inconsistent pair of Linear Equations)

वैसे रैखिक समीकरण युग्म, जिनका कोई हल नहीं होता है, रैखिक समीकरणों का असंगत युग्म (INCONSISTENT PAIR OF LINEAR EQUATIONS) कहलाता है।

रैखिक समीकरणों के असंगत युग्म के ज्यामितीय निरूपण में ग्राफ की रेखाएँ समांतर हो सकती हैं। इस स्थिति में समीकरण का कोई हल नहीं होता है।

उदारण:

x + 2y – 4 = 0 तथा

2x + 4y – 12=0

रैखिक समीकरणों के इस युग्म का कोई हल नहीं है।

इस दिये गये रैखिक समीकरणों को रैखिक समीकरणों के व्यापक रूप a1x + b1x + c1=0 तथा a2 + b2x + c2=0 से तुलना करने पर हम पाते हैं कि

a1 = 1, b1 = 2, तथा c1= – 4 and a2= 2, b2 = 4, तथा c2 = – 12

अत: जब a1a2 = b2b2 ≠ c1c2

i.e. 12 = 24 ≠ – 4– 12

अत: जब किसी रैखिक समीकरण युग्म के लिए a1a2 = b2b2 ≠ c1c2 हो तो उस रैखिक समीकरण युग्म का कोई हल नहीं होता है। तथा ज्यामितीय प्रतिरूपण में ग्राफ समांतर रेखाएँ होती हैं।

(iii) रैखिक समीकरणों का आश्रित युग्म (Dependent pair of Linear Equations)

दो चरों में रैखिक समीकरण युग्म, जिनके अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं, को दो चरों में रैखिक समीकरणों का आश्रित युग्म (DEPENDENT PAIR OF LINEAR EQUATIONS IN TWO VARAIBALES) कहते है। रैखिक समीकरणों का आश्रित युग्म सदैव संगत होता है।

जब रैखिक समीकरणों के आश्रित युग्म का ज्यामितीय निरूपण किया जाता है, तो ग्राफ में रेखाएँ संपाती हो सकती हैं। इस स्थिति में, समीकरणों के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं।

उदारण:

2x + 3y – 9 = 0 तथा 4x + 6y – 18 = 0

इन समीकरणों का रैखिक समीकरण युग्म के व्यापक रूप a1x + b1x + c1 = 0 तथा a2 + b2x + c2 = 0 से तुलना करने पर हम पाते हैं

a1 = 2, b1 = 3, c1 = – 9

तथा a2 = 4, b2 = 6, c2 = – 18

यहाँ,

a1a2 = b1b2 = c1c2

i.e. 24 = 36 = – 9– 18

अत: जब a1a2 = b1b2 = c1c2

तब, दो चरों में रैखिक समीकरण युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं।

मान लिया कि दो चरों में रैखिक समीकरण का एक युग्म है:

a1x + b1y + c1 = 0 तथा

a2x + b2y + c2=0, तब

Slअनुपातों की तुलनाग्राफीय निरूपणबीजगणितीय निरूपण
1a1a2 ≠ b1b2प्रतिच्छेद करती हुई रेखाएँकेवल एक हल (अद्वितीय (Unique))
2a1a2 = b1b2 = c1c2संपाती रेखाएँअपरिमित रूप से अनेक हल
3a1a2 = b1b2 ≠ c1c2समांतर रेखाएँकोई हल नहीं

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