पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन : NCERT प्रश्नावली 13.4 का हल

 

NCERT प्रश्नावली 13.4 का हल

जब तक अन्यथा न कहा जाय, π = 227 लीजिए।

प्रश्न : (1) पानी पीने वाला एक गिलास 14 cm ऊँचाई वाले एक शंकु के छिन्नक के आकार का है। दोनों वृत्ताकार सिरों के व्यास 4 cm और 2 cm हैं। इस गिलास की धारिता ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, शंकु के छिन्नक (frustum) की ऊँचाई = 14 cm

शंकु के छिन्नक (frustum) का बड़ा व्यास = 4 cm

अत: शंकु के छिन्नक (frustum) की त्रिज्या, r1 = 42 = 2 cm

शंकु के छिन्नक (frustum) का छोटा व्यास = 2 cm

अत: शंकु के छिन्नक (frustum) का छोटी वाली त्रिज्या, r2 = 22 = 1 cm

अत: गिलास का आयतन अर्थात धारिता = ?

शंकु के छिन्नक (frustum) का आयतन = 13π h(r12 + r22 + r1 × r2)

13 × 227 × 14(22 + 12 + 2 × 1) cm3

13 × 22 × 2(4 + 1 + 2)cm3

443 × 7 cm3

3083 cm3

= 102 23 cm3

अत: दिये गये गिलास की धारिता = 102 23 cm3 उत्तर

प्रश्न : (2) एक शंकु के छिन्नक (frustum) की तिर्यक ऊँचाई 4 cm है तथा इसके वृत्तीय सिरों के परिमाप (परिधियाँ) 18 cm और 6 cm हैं। इस छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, शंकु के छिन्नक (frustum) की ऊँचाई, ℓ = 4 cm

बड़े सिरे की परिमाप (परिधि (Circumference)) = 18 cm

छोटे सिरे की परिमाप (परिधि (Circumference)) = 6 cm

अत: शंकु के छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) = ?

वृत्त की परिधि = 2 π r

अत: बड़े सिरे की परिमाप (परिधि (Circumference))

⇒ 18 cm = 2 π r1

⇒ r1 = 18 cm

= r1 = 9π cm

और छोटे सिरे की परिमाप (परिधि (Circumference))

वृत्त की परिधि (Circumference) = 2 π r

⇒ 6 cm = 2 π r2

⇒ r2 = 6 cm

⇒ r2 = 3π cm

अब शंकु के छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = π (r1 + r2) ℓ

= π (9π + 3π ) × 4 cm2

= π × 1π (9 + 3) × 4 cm2

= 48 cm2

अत: शंकु के छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 48 cm2 उत्तर

प्रश्न : (3) एक तुर्की टोपी शंकु के छिन्नक के आकार की है (देखिए आकृति)। यदि इसके खुले सिरे की त्रिज्या 10 cm है, उपरी सिरे की त्रिज्या 4 cm है और टोपी की तिर्यक की ऊँचाई 15 cm है, तो इसके बनाने में प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, तुर्की टोपी (frustum) की तिर्यक ऊँचाई, ℓ = 15 cm

टोपी के बड़े सिरे की त्रिज्या, r1 = 10 cm

टोपी के छोटे सिरे की त्रिज्या, r2 = 4 cm

टोपी बनाने में प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल = ?

वृत्त का क्षेत्रफल = π r2

अत: टोपी के उपरी सिरे का क्षेत्रफल = π (4 cm)2

= 16 π cm2

शंकु के छिन्नक के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल   = π (r1 + r2) ℓ

= π (10 cm + 4 cm) × 15 cm

= π 14 × 15 cm2

= 210 π cm2

अत: टोपी बनाने में प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल = टोकी के संपूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल

= टोपी के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल + टोपी के उपरी सिरे के वृत्ताकार भाग का क्षेत्रफल

= 210 π cm2 + 16 π cm2

= π (210 + 16)cm2

227 × 226 cm2

49727 cm2

= 710 27 cm2

अत: दिये गये टोपी को बनाने में प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल = 710 27 cm2 उत्तर

प्रश्न : (4) धातु के चादर से बना और ऊपर से खुला एक बर्तन शंकु के एक छिन्नक के आकार का है, जिसकी ऊँचाई 16 cm है तथा निचले और ऊपरी सिरों की त्रिज्याएँ क्रमश: 8 cm और 20 cm हैं। रू 20 प्रति लीटर की दर से, इस बर्तन को पूरा भर सकने वाले दूध का मूल्य ज्ञात कीजिए। साथ ही, इस बर्तन को बनाने के लिए प्रयुक्त धातु की चादर का मूल्य रू 8 प्रति 100 cm2 की दर से ज्ञात कीजिए। ( π = 3.14 लीजिए)

हल:

दिया गया है, शंकु के छिन्नक (frustum) की ऊँचाई = 16 cm

दिये गये बर्तन के उपरी सिरे की त्रिज्या r1 = 20 cm

तथा दिये गये बर्तन के निचले सिरे की त्रिज्या, r2 = 8 cm

दूध की दर = रू 20 प्रति लीटर

धातु की चादर का मूल्य = रू 8 प्रति 100 cm2

अत: बर्तन को भर सकने वाले दूध का मूल्य = ?

बर्तन को बनाने में लगे धातु की चादर का मूल्य = ?

यहाँ बर्तन को भर सकने वाले दूध का मूल्य ज्ञात करने के लिये, सर्वप्रथम दिये गये बर्तन जो कि शंकु के छिन्नक (frustum) के आकार का है, का आयतन ज्ञात करना होगा। साथ ही दिये गये बर्तन को बनाने में प्रयुक्त धातु की चादर का मूल्य ज्ञात करने के लिये दिये गये शंकु के छिन्नक के आकार के बर्तन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करन होगा।

शंकु के छिन्नक (frustum) का आयतन = 13π h (r12 + r22 + r1 × r2)

अत: दिया गया बर्तन, जो शंकु के छिन्नक (frustum) के आकार का है, का आयतन

13 × 227 × 16 (202 + 82 + (20 × 8))cm3

35221 (400 + 64 + 160) cm3

352 × 62421 cm3

21964821 cm3

= 10459.43 cm3

∵ 1 लीटर या 1000 cm3 दूध का मूल्य = Rs 20

∴ 1 cm3 दूध का मूल्य = 201000 Rs

∴ 10459.43 cm3 दूध का मूल्य = Rs 20 × 10459.431000

= Rs 209.18

अब वृत्त का क्षेत्रफल = π r2

अत: दिये गये शंकु के छिन्नक (frustum) के आकार के बर्तन के निचले आधार का क्षेत्रफल = π × 82 cm2

= 64 π cm2

शंकु के छिन्नक (frustum) की तिर्यक ऊँचाई, ℓ = (h2 + (r1 – r2)2)

⇒ ℓ = (162 + (20 – 8)2) cm

⇒ ℓ = (256 + 122) cm

⇒ ℓ = √256 + 144 cm

⇒ ℓ = √400 cm

⇒ ℓ = 20 cm

शंकु के छिन्नक (frustum) के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = π (r1 + r2) ℓ

अत: दिये गये शंकु के छिन्नक (frustum) के आकार वाले बर्तन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = π (20 + 8) × 20 cm2

= π × 28 × 20 cm2

= π 560 cm2

अत: दिये गये शंकु के छिन्नक (frustum) के आकार के बर्तन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल + आधार का क्षेत्रफल

= π 560 cm2 + 64 π cm2

= π (560 + 64) cm2

= 3.14 × 624 cm2

= 1959.36 cm2

Now, ∵ 100 cm2 धातु की चादर का मूल्य = Rs 8

∴ 1 m2 धातु की चादर का मूल्य = 8100 Rs

∴ 1959.36 cm2 धातु की चादर का मूल्य = 8100 × 1959.36 Rs

= Rs 156.75

अत: दिये गये बर्तन को भर सकने वाले दूध का मूल्य रू 209 और बर्तन को बनाने प्रयुक्त धातु की चादर का मूल्य रू 156.75 है। उत्तर

प्रश्न : (5) 20 cm ऊँचाई और शीर्ष कोण (Vertical angle) 60o वाले एक शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोबीच से होकर जाते हुए एक तल से दो भागों में काटा गया है, जबकि तल शंकु के आधार के समांतर है। यदि इस प्राप्त शंकु के छिन्नक (frustum) को व्यास 116 cm, वाले एक तार के रूप में बदल दिया जाता है तो तार की लम्बाई ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, शंकु की ऊँचाई = 20 cm

शीर्ष कोण (Vertical angle) ∠ BAC = 60o

दिये गये शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोबीच से होकर जाते हुए एक तल से दो भागों में काटा गया है तथा इस शंकु का छिन्नक (frustum) बनाया गया है।

अत: इस प्राप्त शंकु के छिन्नक (frustum) को व्यास 116 cm वाले तार में बदलने पर तार की लम्बाई = ?

चूँकि दिये गये शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोबीच से होकर जाते हुए एक तल से दो भागों में काटा गया है, अत: प्राप्त छिन्नक (frustum) की ऊँचाई = 10 cm

अत: चित्र के अनुसार,

AF = FG = 10 cm

AG = 20 cm

∠ BAC = 60o

अत: ∠ DAF = 30o

Δ DAF में

tan 30o = DFAF

⇒ 13 = DF10

⇒ DF = 103

⇒ DF = r2 = 13

अब Δ BAG में

tan 30o = BGAG

⇒ 13 = BG20

⇒ BG = 203

⇒ BG = R1 = 203

अब प्राप्त शंकु के छिन्नक (frustum) के लिये

ऊँचाई = 10 cm

बड़ी वाली त्रिज्या, r1 = 203

छोटी वाली त्रिज्या, r2 = 103

शंकु के छिन्नक (frustum) का आयतन = 13π h(r12 + r22 + r1 × r2)

अत: प्रश्नानुसार प्राप्त शंकु के छिन्नक (frustum) का आयतन

13 π × 10 ((203)2 + (103)2 + 203 × 103 ) cm3

13 π × 10 ( 4003 + 1003 + 2003 ) cm3

13 π × 10 ( 400 + 100 + 2003 ) cm3

13 × 227 × 10 × 7003 cm3

13 × 22 × 10 × 1003 cm3

220009 cm3

220009 cm3

बेलन का आयतन = π r2 h

चूँकि एक तार बेलन के आकार का होता है, अत:

मान लिया कि तार की लम्बाई = ℓ

दिया गया है, तार का व्यास = 116 cm

∴ तार की त्रिज्या = 116 × 12 = 132 cm

अत: तार का आयतन = 227 × ( 132 ) 2 × ℓ

227 × 132 × 132 × ℓ cm2

227168 × ℓ cm2

चूँकि प्रश्न के अनुसार प्राप्त शंकु के छिन्नक (frustum) से तार बनाया जाता है

अत: तार का आयतन = प्राप्त शंकु के छिन्नक (frustum) का आयतन

⇒ 227168 × ℓ cm2 = 220009 cm3

⇒ ℓ = 22000 cm39 × 716822 cm2

⇒ ℓ = 1000 × 71689 cm

⇒ ℓ = 796444.44 cm

centi meter से meter में बदलने के लिए उपरोक्त मान में 100 से भाग देने पर

⇒ ℓ = 796444.44100 m

⇒ ℓ = 7964.44 m

अत: तार की लम्बाई = 7964.44 मीटर। उत्तर

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