पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन : सूत्र एवं NCERT प्रश्नावली 13.1

 

सूत्र एवं NCERT प्रश्नावली 13.1

(1) घनाभ (Cuboid)

घनाभ का आयतन =(ℓ × b × h) घन मात्रक

जहाँ, ℓ = लम्बाई, b = चौड़ाई, तथा h = ऊँचाई

घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 (ℓb + bh + ℓh) घन मात्रक

घनाभ की तिर्यक ऊँचाई (कर्ण) = 2 + b2 + h2 मात्रक

(2) घन (Cube)

मान लिया कि घन की लम्बाई या एक भुजा a, है, अत:

घन का आयतन = a3 घन मात्रक

घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a2 वर्ग मात्रक

घन की तिर्यक ऊँचाई (कर्ण) = 3 a मात्रक

(3) बेलन (Cylinder)

यदि बेलन के निचले पृष्ठ की त्रिज्या = r तथा ऊँचाई या लम्बाई = h, हो, तो

बेलन का आयतन = π r2h घन मात्रक

बेलन का बक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) = 2 π r h वर्ग मात्रक

बेलन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) = 2 π r h + 2 π r2 वर्ग मात्रक

= 2 π r(h + r) वर्ग मात्रक

(4) शंकु

यदि शंकु के आधार की त्रिज्या = r तथा ऊँचाई = h, हो, तो

शंकु की तिर्यक ऊँचाई, ℓ = h2 + r2 मात्रक

शंकु का आयतन = 13 π r2 h घन मात्रक

शंकु का बक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) = π r ℓ वर्ग मात्रक

शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) = π r ℓ + π r2 वर्ग मात्रक

(5) गोला (Sphere)

यदि गोले की त्रिज्या r, हो, तो

गोले का आयतन = 43 π r3 घन मात्रक

गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = (4π r2) वर्ग मात्रक

(6) अर्द्ध गोला (Hemisphere)

यदि अर्द्ध गोले की त्रिज्या r, है, तो

अर्द्ध गोले का आयतन = 23 π r3 घन मात्रक

अर्द्ध गोले के बक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 π r2 वर्ग मात्रक

अर्द्ध गोले के कुल वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल (TSA) = 3 π r2 घन मात्रक

NCERT प्रशनावली 13.1

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = 227 लीजिए

Question (1) दो घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 64 cm3 है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक ठोस बनाया जाता है। इससे प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है एक घन का आयतन = 64 cm3

अत: प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = ?

हम जानते हैं कि घन का आयतन = a3

⇒ 64 cm3 = a3

⇒ a3 = 64 cm3

⇒ a = 64 cm3

⇒ a = 4 × 4 × 4 cm3

⇒ a = 4 cm

अत: घन की एक भुजा = 4 cm

अत: दो घनों को मिलाकर बने घनाभ की ल्म्बाई, ℓ = 4 + 4 = 8 cm

घनाभ की ऊँचाई, h = 4 cm तथा घनाभ की चौड़ाई, b = 4cm

हम जानते हैं कि घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(ℓb + bh + ℓh)

= 2 (8×4 + 4×4 + 8×4)

= 2(32 + 16 + 32)

= 2 × 80 = 160 cm2

अत: दिये गये दोनों घनों को मिलाकर बने घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 160 cm2 उत्तर

Question (2) कोई बर्तन एक खोखले अर्धगोले के आकार का है जिसके उपर एक खोखला बेलन अध्यारोपित है। अर्धगोले का व्यास 14 cm है और इस बर्तन (पात्र) की कुल ऊँचाई 13cm है। इस बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है अर्धगोले का व्यास = 14 cm

अत: दिये गये गोले की त्रिज्या = 142 = 7 cm

बर्तन की ऊँचाई = 13 cm

अत: बेलन की ऊँचाई अर्थात अर्धगोले को छोड़कर बर्तन की ऊँचाई

= बर्तन की ऊँचाई – अर्धगोले की त्रिज्या

= 13 cm – 7 cm = 6 cm

हम जानते हैं कि बेलन का बक्र पृष्ठ = 2 π r h

= 2 × 227 × 7 cm × 6 cm

= 2 × 22 × cm × 6 cm

= 44 × 6 cm2

या अर्धगोले को छोड़कर बेलन के बक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 264 cm2

हम जानते हैं कि अर्धगोले के बक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 π r2

= 2 × 227 × (7 cm)2

= 2 × 227 × 7 cm × 7 cm

= 2 × 22 × 7 cm2

= 44 × 7 cm2

∴ अर्धगोले के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = 308 cm2

अत: दिये गये बर्तन के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = अर्धगोले को छोड़कर बेलन के बक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल + अर्धगोले के बक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल

= 264 cm2 + 308 cm2

= 572 cm2

अत: दिये गये बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = 572 cm2 उत्तर

Question (3) एक खिलौना त्रिज्या 3.5 cm वाले एक शंकु के आकार का है, जो उसी त्रिज्या वाले एक अर्धगोले पर अध्यारोपित है। इस खिलौने की संपूर्ण ऊँचाई 15.5 cm है। इस खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, खिलौने की ऊँचाई = 15.5 cm

खिलौने की त्रिज्या अर्थात कोन की त्रिज्या (r)= 3.5 cm

अर्धगोले की त्रिज्या (r)= 3.5 cm

अत: शंकु की ऊँचाई, h = कुल ऊँचाई – अर्धगोले की त्रिज्या

⇒ h = 15.5 – 3.5 = 12 cm

अब शंकु की तिर्यक ऊँचाई, ℓ = h2+r2

∴ ℓ = (12cm)2 + (3.5 cm)2

144 cm2 + 12.25 cm2

156.25 cm2

⇒ ℓ = 12.5 cm

अब शंकु के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = π r ℓ sq unit

227 × 3.5 0.5 cm × 12.5 cm

= 22 × 0.5 cm × 12.5 cm

=137.5 cm2

अत: शंकु के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल =137.5 cm2

अब अर्धगोले के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल =2 π r2

= 2 × 227 × (3.5 cm)2

= 2 × 227 × 12.25 cm2

= 77 cm2

अत: अर्धगोले के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल =77 cm2

अत: दिये गये खिलौने के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = शंकु के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल + अर्धगोले के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल

= 137.5 cm2 + 77 cm2

अत: दिये गये खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 214.5 cm2 उत्तर

Question: (4) भुजा 7 cm वाले एक घनाकार ब्लॉक के ऊपर एक अर्धगोला रखा हुआ है। अर्धगोले का अधिकतम व्यास क्या हो सकता है? इस प्रका बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, घनाकार ब्लॉका की भुजा = 7 cm

अत: दिये गये अर्धगोले का अधिकतम व्यास = ?

तथा दिये गये स्थिति में बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल =?

चूँकि अर्धगोला घनाकार ब्लॉक के ऊपर रखा हुआ है, अत: अर्धगोले का अधिकतम व्यास = घनाकार ब्लॉक की भुजा = 7 cm

अब बने हुए ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = घनाकार ब्लॉक का पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल – अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल

घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6 a2

जहाँ a = घन की एक भुजा

= 6 × (7 cm)2

= 6 × 49 cm2

∴ घनाकार ब्लॉक का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 294 cm2

अब, अर्धगोले के बक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2π r2 वर्ग मात्रक

यहाँ, अर्धगोले का व्यास = 7 cm

∴ त्रिज्या, r = 72 = 3.5 cm

∴ अर्धगोले के बक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 × 227 × (3.5 cm)2

= 2 × 227 × 3.5 cm × 3.5 cm

= 77 cm2

अब, अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल = π r2

=227 × (3.5 cm)2

227 × 3.5 cm × 3.5 cm

=38.5 cm2

∴ अत: दिये गये ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = घनाकार ब्लॉक का पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल – अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल

= 294 cm2 + 77 cm2 - 38.5 cm2

= 332.5 cm2

∴ दिये गये ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 332.5 cm2 उत्तर

Question (5) एक घनाकार ब्लॉक के एक फलक को अंदर की ओर से काट कर एक अर्धगोलाकार गड्ढ़ा इस प्रकार बनाया गया है कि अर्धगोले का व्यास घन के एक किनारे के बराबर है। शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

मान लिया कि, घनाकार ब्लॉक की भुजा = ℓ

अत: प्रश्नानुसार, अर्धगोले का व्यास = घनाकार ब्लॉक की भुजा = ℓ

∴ अर्धगोले की त्रिज्या = 2

अब, अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 π r2

= 2 × π (2)2

= 2 π 24

π ℓ22

अत: अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = π r2

= π (2)2

π ℓ24

धन के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल =6a2

= 6 × ℓ2

= 6ℓ2

अब, शेष बचे हुए ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल

=ठोस के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल + अर्धगोले के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल – अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल

= 6ℓ2 + π ℓ22 – π ℓ24

= 6ℓ2 + π (2ℓ2 – ℓ2)4

= 6ℓ2 + πℓ24

24ℓ2+πℓ24

14(24 + π)ℓ2 मात्रक2

∴ शेष बचे हुए ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल =14(24 + π)ℓ2 मात्रक2 Answer

Question (6) दवा का एक कैप्सूल (Capsule) एक बेलन के आकार का है, जिसके दोनों सिरों पर एक एक अर्धगोला लगा हुआ है (देखिए आकृति)। पूरे कैप्सूल की लम्बाई 14 mm है और उसका व्यास 5 mm है। इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, कैप्सूल का व्यास = 5 mm

∴ अर्धगोले की त्रिज्या = 5/2 = 2.5 mm

अब दिये गये कैप्सूल की लम्बाई = 14 mm

अत: अर्धगोलों को छोड़कर बेलन की लम्बाई

= कैप्सूल की कुल लम्बाई – 2 × अर्धगोले की त्रिज्या

= 14 mm – 2 × 2.5 mm

= 14 mm - 5 mm = 9 mm

∴ बेलन की ऊँचाई या लम्बाई, h = 9mm

तथा बेलन की त्रिज्या = 2.5 mm

अब बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 π r h

=2 π × 2.5 × 9 mm2

= 45 π mm2

तथा, अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 π r2

= 2 π (2.5)2 mm2

= 2 π × 6.25 mm2

∴ 2 (दो) अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 × 2 π × 6.25 mm2

= 4 π × 6.25 mm2

= 25 π mm2

∴ कैप्सूल का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल

= बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल + दोनों अर्धगोले के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल

= 45 π mm2 + 25 π mm2

= π (45+25) mm2

227 × 70 mm2

= 220 mm2

अत: दिये गये कैप्सूल का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 220 mm2 Answer

Question (7) कोई तम्बू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमश: 2.1 m तथा 4 m है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 m, है तो इस तम्बू को बनाने में प्रयुक्त कैनवस (Canvas) का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही रू 500 प्रति m2 की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवस की लागत ज्ञात कीजिए। . (ध्यान दीजिए कि तम्बू के आधार को कैनवस से नहीं ढ़ंका जाता है।)

हल:

दिया गया है, बेलनाकार तम्बू की ऊँचाई = 2.1 m

तथा तम्बू का व्यास = 4 m

∴ तम्बू की त्रिज्या = 42 = 2 m

उपर स्थित शंकु की तिर्यक ऊँचाई =2.8m

∴ कैनवस का कुल क्षेत्रफल =?

कैनवस की लागत 500 रूपया प्रति वर्ग मीटर की दर से =?

तंबू के बेलनाकार भाग के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 π r h

= 2 × π × 2 m × 2.1 m

= 8.4 π m2

तंबू के शंकु आकार (उपरी भाग) के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = π r ℓ

= π × 2 m × 2.8 m

= 5.6 π m2

∴ तंबू में प्रयुक्त कुल कैनवस का क्षेत्रफल = बेलनाकार भाग के पृष्ठ का क्षेत्रफल + शंक्वाकार उपरी भाग के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल

= 8.4 π m2 + 5.6 π m2

= π (8.4 + 5.6)m2

227 × 14 m2

= 44 m2

दिया गया है, 1 m2 कैनवस की लागत = Rs 500

∴ 44 m2 कैनवस की लागत

= रू 500 × 44 = 22000 रूपया

अत: कैनवस का क्षेत्रफल = 44 m2 तथा कैनवस की लागत = रू 22000 उत्तर

Question (8) ऊँचाई 2.4 cm और व्यास 1.4 cm, वाले एक ठोस बेलन में से इसी ऊँचाई और इसी व्यासा वाला एक शंक्वाकार खोल (Cavity) काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का निकटतम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, बेलन की ऊँचाई, h = 2.4 cm

बेलन का व्यास = 1.4 cm

∴ बेलन की त्रिज्या, r = 0.7 cm

शेष बचे हुए ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल =?

अब, बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 π r h

= 2 π × 0.7 × 2.4 cm2

= 3.36 π cm2

बेलन के आधार का क्षेत्रफल =π r2

= π (0.7 cm)2

= 0.49 π cm2

Slant height of cone ℓ = h2 + r2

(2.4 cm)2+(0.7 cm)2

5.76 cm2+0.49 cm2

6.25 cm2

= 2.5 cm

अत: शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = π r ℓ

= π × 0.7 cm × 2.5 cm

= 1.75 π cm2

अब शेष बचे हुए ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल + बेलन के आधार का क्षेत्रफल + शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल

= 3.36 π cm2 + 0.49 π cm2 + 1.75 π cm2

= π (3.36 + 0.49 + 1.75) cm2

227 × 5.6 cm2

= 17.6 cm2

अत: शेष बचे हुए ठोस का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 17.6 cm2 या, ≈ 18 cm2 उत्तर

Question (9) लकड़ी के एक ठोस बेलन के प्रत्येक सिरे पर एक अर्धगोला खोदकर निकालते हुए, एक वस्तु बनाई गई है, जैसाकि आकृति में दर्शाया गया है। यदि बेलन की ऊँचाई 10 cm है और आदार की त्रिज्या 3.5 cm है तो इस वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया गया है, बेलन की ऊँचाई, h= 10 cm

तथा त्रिज्या, r = 3.5 cm

अत: बेलन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल =?

बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 π r h

= 2 × 227 × 3.5 cm × 10 cm

= 2 × 22 × 0.5 × 10 cm2

= 220 cm2

अर्धगोले के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 π r2

∴ 2(दो) अर्धगोले के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 × 2 × 227 × (3.5 cm)2

= 4 × 227 × 3.5 × 3.5 cm2

=4 × 22 × 0.5 × 3.5 cm2

= 154 cm2

अत: बेलन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल + दोनों अर्धगोले के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल

= 220 cm2 + 154 cm2

= 374 cm2

अत: बेलन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 374 cm2 उत्तर

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