वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल : एनसीईआरटी प्रश्नावली 12.3 का हल

 

एनसीईआरटी प्रश्नावली 12.3 का हल

(जब तक अन्यथा न कहा जाय, का प्रयोग कीजिए)

प्रश्न संख्या (1) आकृति में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि PQ = 24 cm, PR = 7 cm तथा O वृत्त का केन्द्र है।

हल

[प्रश्न हल करने की योजना (a) सबसे पहले आकृति में दिये गये अर्धवृत्त का क्षेत्रफल ज्ञात करें। (b) त्रिभुज PQR का क्षेत्रफल ज्ञात करें (c) अर्धवृत्त के क्षेत्रफल में से त्रिभुज PQR का क्षेत्रफल घटाने पर छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात हो जायेगा।]

दिया गया है, PQ = 24 cm

PR = 7 cm

अत: छायांकित भाग का क्षेत्रफल = ?

हम जानते हैं कि अर्धवृत्त में बना हुआ कोण एक समकोण होता है। .

यहाँ चूँकि कोण RPQ अर्धवृत्त के अंदर बन रहा है, अत: यह एक समकोण है।

अर्थात ∠ RPQ = 900

अब (त्रिभुज) Δ RPQ में

पाइथागोरस प्रमेय के आधार पर

QR2 = PQ2 + RP2

= (24 cm)2 + (7 cm)2

= 576 cm2 + 49 cm2

= 625 cm2




अब चूँकि QR = दिये वृत्त का व्यास = 25 cm

अत: त्रिज्या, r = 25/2 = 12.5 cm

अर्धवृत्त के क्षेत्रफल की गणना

हम जानते हैं कि अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = 1/2 ×π r2

अत:, दिये गये अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = 1/2 × π (12.5 cm)2





अत: दिये गये अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = 245.53 cm2

त्रभुज के क्षेत्रफल की गणना

त्रिभुज, PQR, में आधार = PR = 7 cm

और ऊँचाई PQ = 24 cm

हम जानते हैं कि त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × ऊँचाई × आधार

अत: (त्रिभुज) Δ PQR का क्षेत्रफल = 1/2 × 24 cm × 7 cm

= 12 cm × 7 cm

= 84 cm2

अत: Δ PQR का क्षेत्रफल = 84 cm2

अब दिये गये आकृत्ति में छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल

=अर्धवृत का क्षेत्रफल – त्रिभुज PQR का क्षेत्रफल

= 245.53 cm2 – 84 cm2

= 161.53 cm2

अत: प्रश्न में दिये गये छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल = 161.53 cm2उत्तर

प्रश्न संख्या (2) आकृति में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि केन्द्र O वाले दोनों संकेन्द्रीय वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमश: 7 cm और 14 cm हैं तथा ∠ AOC = 400 है।

Solution

[ प्रश्न हल करने की योजना (a) दीर्घ वृत्त के त्रिज्यखंड OAC का क्षेत्रफल ज्ञात करें। (b) फिर छोटे वृत्त के त्रिज्यखंड OBD का क्षेत्रफल ज्ञात करें। (c) दोनों त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल का अंतर छायांकित भाग का क्षेत्रफल होगा।]

दिया गया है, OB = 7 cm

OA = 14 cm

और ∠AOC = ∠ BOD = 400

अत: छायांकित भाग BACD का क्षेत्रफल = ?

हम जानते हैं कि θ कोण वाले त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल 


अत: 400 कोण वाले त्रिज्यखंड OBD का क्षेत्रफल





= 17.11 cm2

अत: लघु वृत्त के त्रिज्यखं OBD का क्षेत्रफल = 17.11 cm2

और दीर्घ वृत्त के 400 कोण वाले त्रिज्यखंड OAC का क्षेत्रफल





= 68.44 cm2

अत: दीर्घ वृत्त के त्रिज्यखंड OAC का क्षेत्रफल = 68.44 cm2

अब छायांकित भाग का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड OAC का क्षेत्रफल – त्रिज्यखंड OBD का क्षेत्रफल

= 68.44 cm2 – 17.11 cm2

= 51.33 cm2

अत: छायांकित भाग का क्षेत्रफल = 51.33 cm2 उत्तर

वैकल्पिक विधि तथा लघु विधि

दिया गया है छोटे वृत्त की त्रिज्या = OB = 7 cm

बड़े वृत्त की त्रिज्या = OA = 14 cm

त्रिज्यखंड का कोण = ∠ BOD = ∠ AOC = 400

चूँकि दोनों वृत्त संकेन्द्रीय है, अत:

छायांकित भाग का क्षेत्रफल = बड़े वृत के त्रिज्यखंड OAC का क्षेत्रफल – छोटे वृत्त के त्रिज्यखंड OBD का क्षेत्रफल









= 51.33 cm2

अत: छायांकित भाग का क्षेत्रफल = 51.33 cm2 उत्तर

प्रश्न संख्या (3) आकृत्ति में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि ABCD भुजा 14 cm का एक वर्ग है और APD और BPC दो अर्धवृत्त हैं।

Solution

[प्रश्न हल करने की योजना (a) दिये गये वर्ग का क्षेत्रफल ज्ञात करें (b) चूँकि दोनों अर्धवृत्त बराबर हैं अत: एक अर्धवृत्त का क्षेत्रफल ज्ञात करें तथा उसे दो से गुणा करें दोनों अर्धवृत्त के क्षेत्रफल का योग ज्ञात करें। (c) वर्ग के क्षेत्रफल से दोनों अर्धवृत्त के क्षेत्रफल को घटाएँ जो छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल होगा।]

दिया गया है, ABCD एक वर्ग है

वर्ग की भुजा = 14 cm

APD और BPD दो अर्धवृत्त हैं जो वर्ग के अंदर समाहित हैं।

यहाँ दोनों अर्धवृत्त का व्यास बराबर है, चूँकि दोनों अर्धवृत्त का व्यास वर्ग की दो भुजाओं को दिखलाता है।

अत: दोनों अर्धवृत्त की त्रिज्याएँ भी बराबर होंगी।

इसका अर्थ है कि दोनों अर्धवृत्त बराबर हैं।

अत: दोनों अर्धवृत्त की त्रिज्या

= वर्ग की भुजा /2 = 14/2 = 7 cm

छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल = ?

हम जानते हैं कि वर्ग का क्षेत्रफल = side2

अत: दिए गये वर्ग ABCD का क्षेत्रफल = (14 cm)2

⇒ वर्ग ABCD का क्षेत्रफल = 196 cm2

हम जानते हैं कि अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = 1/2 π r2

अत: दिये गये अर्धवृत्त का क्षेत्रफल





अत: दिये गये अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = 77 cm2

अब दोनों अर्धवृत्त के क्षेत्रफल का योग = एक अर्धवृत्त का क्षेत्रफल × 2

= 77 cm2 × 2

⇒ दोनों अर्ध वृत्त के क्षेत्रफल का योग = 154 cm2

अत: छायांकित भाग का क्षेत्रफल = वर्ग का क्षेत्रफल – दोनों अर्ध वृत्त के क्षेत्रफल का योग

= 196 cm2 – 154 cm2

= 42 cm2

अत: छायांकित भाग का क्षेत्रफल = 42 cm2 उत्तर

प्रश्न संख्या (4) आकृति में छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जहाँ भुजा 12 cm वाले एक समबाहु त्रिभुज OAB के शीर्ष O को केन्द्र मानकर 6 cm त्रिज्या वाला एक वृत्तीय चाप खींचा गया है।

हल

[प्रश्न हल करने की योजना (a) दिये गये समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालें (b) दीर्घ त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल निकालें (c) दीर्घ त्रिज्यखंड तथा समबाहु त्रिभुज के क्षेत्रफल का योग छायांकित भाग का क्षेत्रफल होगा।]

दिया गया है, समबाहु त्रिभुज AOB की भुजा = 12 cm

वृत्त की त्रिज्या = 6 cm

तब छायांकित भाग का क्षेत्रफल = ?

हम जानते हैं कि समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल 


अत: दिये गये समबाहु त्रिभुज OAB का क्षेत्रफल





= 62.352 cm2

अब समबाहु त्रिभुज का कोण = 600

अत: चित्र में दिये गये दीर्घ त्रिज्यखंड DEC का कोण = वृत्त का कोण – 600

= 3600 – 600 = 3000

हम जानते हैं कि, θ कोण वाले त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल 


अत: 3000 कोण वाले दीर्घ त्रिज्यखंड (DEC) का क्षेत्रफल





= 94.285 cm2

अत: छायांकित भाग का क्षेत्रफल = दीर्घ त्रिज्यखंड DEC का क्षेत्रफल + त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल

= 94.285 cm2 + 62.3522

= 156.367 cm2

अत: छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल = 156.367 cm2 उत्तर

प्रश्न संख्या (5) भुजा 4 cm वाले वर्ग के प्रत्येक कोने से 1 cm त्रिज्या वाले वृत्त का एक चतुर्थांश काटा गया है तथा बीच में 2 cm व्यास का एक वृत्त भी काटा गया है, जैसा कि आकृति में दर्शाया गया है। वर्ग के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए ।



हल

[प्रश्न हल करने की योजना (a) वर्ग का क्षेत्रफल निकालें (b) वृतों के चार चतुर्थांश अर्थात कुल एक वृत तथा वर्ग के केन्द्र में स्थित एक वृत कुल दो वृत्तों के क्षेत्रफल का योग निकालें। (c) दोनों वृत के क्षेत्रफलों के योग को वर्ग के क्षेत्रफल में से घटाने पर वर्ग के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात हो जायेगा।]

दिया गया है, ABCD एक वर्ग है

वर्ग की भुजा = 4 cm

चतुर्थांश की त्रिज्या = 1 cm

वृत्त का व्यास = 2 cm

अत: वृत्त की त्रिज्या = 1 cm

अत: छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल = ?

यहाँ वृत्तों के चार चतुर्थांश (वृत्त का 1/4 वां भाग)

और एक वृत्त दिया गया है।

अत: वृत्तों की कुल संख्या

= 1/4 × 4 + 1 = 1 + 1 = 2

अत: वृत्तों की कुल संख्या = 2

अब हम जानते हैं कि वृत्त का क्षेत्रफल = π r2

अत: दिये गये वृत्त का क्षेत्रफल





= 3.142 cm2

दिये गये दोनों वृत्तों के क्षेत्रफलों का योग = एक वृत्त का क्षेत्रफल × 2

= 3.142 × 2 = 6.284 cm2

अत: वर्ग के काटे गये वृत के चार चतुर्थांश तथा एक वृत्त का कुल क्षेत्रफल = 6.284 cm2

हम जानते हैं कि वर्ग का क्षेत्रफल = (भुजा)2

अत: दिये गये वर्ग का क्षेत्रफल = (4 cm)2

= 16 cm2

अत: चित्र में दिये गये वर्ग में शेष बचे हुए क्षेत्र का क्षेत्रफल = वर्ग का क्षेत्रफल – काटे गये वृत्त तथा वृत्त के चतुर्थांशों के क्षेत्रफलों का योग

= 16 cm2 – 6.284 cm2

= 9.716 cm2

अत: वर्ग में बचे हुए शेष भाग का क्षेत्रफल = 9.716 cm2 उत्तर

प्रश्न संख्या (6) एक वृत्ताकार मेजपोश, जिसकी त्रिज्या 32 cm है, में बीच में एक समबाहु त्रिभुज ABC छोड़ते हुए एक डिजाइन बना हुआ है, जैसाकि आकृत्ति में दिखाया गया है। इस डिजाइन का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल

[प्रश्न हल करने की योजना (a) मेजपोश में बने हुए त्रिभुज की भुजा ज्ञात करने के बाद त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालें। (b) वृत्त का क्षेत्रफल निकाल कर उसमें से त्रिभुज का क्षेत्रफल घटाएँ प्राप्त परिणाम डिजाइन का क्षेत्रफल होगा।]

मान लिया कि, दिये गये वृत्त का केन्द्र O है।

दिया गया है, वृत्त की त्रिज्या, OA= 32 cm

बनाबट

त्रिभुज के शीर्ष A से AE एक लम्ब भुजा BC पर डाला गया।

चूँकि Δ ABC एक समबाहु त्रिभुज है

अत:, ∠ A = ∠ B = ∠ C = 600

और, OE या AOE समद्विभाजक है

अत:, ∠ OEC = 900

And ∠ OCE = 300

अब त्रिभुज OEC में









अब BC = BE + EC

⇒ BC = EC + EC

[चूँकि BE = EC]





अब हम जानते हैं कि समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल 

अत: दिये गए त्रिभुज Δ ABC का क्षेत्रफल =






= 1.732 ×32× 24 cm2

= 1330.176 cm2

हम जानते हैं कि वृत्त का क्षेत्रफल = π r2

अत: दिये गये वृत्त का क्षेत्रफल







= 3218.285 cm2

अब डिजाइन का क्षेत्रफल

= वृत्त का क्षेत्रफल – त्रिभुज का क्षेत्रफल

= 3218.285 – 1330.176 cm2

= 1888.109 cm2 Answer

प्रश्न संख्या (7) आकृत्ति में ABCD भुजा 14 cm वाला एक वर्ग है। A, B, C और D को केन्द्र मानकर, चार वृत्त इस प्रकार खींचे गये हैं कि प्रत्येक वृत्त तीन शेष वृत्तों में से दो वृत्तों को बाह्य रूप से स्पर्श करता है। छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल

[प्रश्न हल करने की योजना (a) वर्ग का क्षेत्रफल ज्ञात करें (b) प्रत्येक चतुर्थांश का क्षेत्रफल ज्ञात कर उसका योग निकालें, या वृत्त का चारों चतुर्थांश मिलकर एक वृत हुआ, अत: एक वृत्त का क्षेत्रफल निकालें। (c) वर्ग के क्षेत्रफल में से वृत्त के क्षेत्रफल को घटाएँ, यह छायांकित भाग का क्षेत्रफल हुआ।]

दिया गया है, ABCE एक वर्ग है जिसकी भुजा = 14 cm

चूँकि प्रत्येक वृत्त तीन शेष वृत्तों में से दो वृत्तों को बाह्य रूप से स्पर्श करता है,

अत: वृत्त की त्रिज्या = 14/2 = 7 cm

तब छायांकित भाग का क्षेत्रफल = ?

हम जानते हैं कि वर्ग का क्षेत्रफल = (भुजा)2

अत: दिये गये वर्ग का क्षेत्रफल = (14 cm)2

= 196 cm2

प्रश्न में दिये गये चित्र के अनुसार चारों में से प्रत्येक वृत्त का एक चतुर्थांश वर्ग वाले क्षेत्र में पड़ता है।

तथा कुल मिलाकर वृत्त के चार चतुर्थांश हैं

अत: वर्ग में पड़ने वाले वृत्त की संख्या = 1/4 वृत्त × 4 = 1 वृत्त

हम जानते हैं कि वृत्त का क्षेत्रफल = π r2

अत: वृत के चार चतुर्थांश अर्थात कुल 1 वृत्त का क्षेत्रफल





अत: वर्ग के अंदर पड़ने वाले वृत्त के चतुर्थांशों का कुल क्षेत्रफल = 154 cm2

अब छायांकत भाग का क्षेत्रफल = वर्ग का क्षेत्रफल – चारों वृत्त के चतुर्थांशों का क्षेत्रफल

= 196 cm2 – 154 cm2

= 42 cm2

अत: छायांकित भाग का क्षेत्रफल = 42 cm2 उत्तर

प्रश्न संख्या (8) आकृत्ति एक दौड़ने का पथ (Racing track) दर्शाती है, जिसके बाएँ और दाएँ सिरे अर्धवृत्ताकार हैं।

दोनों आंतरिक समांतर रेखाखंड के बीच की दूरी 60 m है तथा इनमें प्रत्येक रेखाखंड 106 m लम्बा है। यदि यह पथ 10 m चौड़ा है, तो ज्ञात कीजिए।

(i) पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश एक पूरा चक्कर लगाने में चली गई दूरी

(ii) पथ का क्षेत्रफल

हल

[प्रश्न हल करने की योजना (a) दोनों तरफ के अर्धवृत्त को छोड़कर आयताकार पथ का क्षेत्रफल ज्ञात करें। (b) आंतरिक अर्धवृत्त का परिमाप ज्ञात कर उसे दो से गुणा करें ताकि पथ के दोनों तरफ के अर्धवृत्त का परिमाप निकल जाये। (c) दोनों तरफ के अर्धवृत्त का परिमाप तथा पथ की आंतरिक लम्बाई का योग दौड़ने के पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश एक पूरा चक्कर लगाने में चली गई दूरी होगी। (e) अर्धवृत्त के छायांकित भाग का क्षेत्रफल निकालें (f) आयताकार पथ का क्षेत्रफल तथा दोनों तरफ के दोनों अर्धवृत्त के क्षेत्रफल का योग पथ का क्षेत्रफल है।]

दिया गया है, पथ की आंतरिक लम्बाई = 106 m

पथ की चौड़ाई = 10 m

अर्थात दिया गया पथ चार भागों में बँटा हुआ है।

(a) 106 m लम्बा और 10 m चौड़ा दो आयताकार पथ

(b) तथा दो अर्धवृत्त जिसका आंतरिक व्यास = 60 m और बाहरी व्यास = 60+10+10 = 80 m

अर्थात आंतरिक अर्धवृत्त की त्रिज्या = 60/2 = 30 m तथा बाहरी अर्धवृत्त की त्रिज्या = 80/2 = 40 m

पथ के आंतरिक अर्धवृत्त के परिधि की गणना

हम जानते हैं कि अर्धवृत्त की परिधि = 1/2 × 2 π r

= π r

= π 30m

अब चूँकि पथ के दोनों सिरों को मिलाकर कुल दो अर्धवृत्त हैं

अत: दोनों तरफ के अर्धवृत्ताकार पथ की कुल आंतरिक लम्बाई = π 30m × 2




अत: पथ के अर्धवृत्ताकार भाग की कुल लम्बाई = 188.57 m

तथा पथ के आंतरिक आयताकार भाग की कुल लम्बाई = 106 m + 106 m = 212 m

अत: पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश कुल लम्बाई

= आंतरिक किनारों के अनुदिश पथ के आयताकार भाग की लम्बाई + पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश अर्धवृत्ताकार भाग की लम्बाई

= 212 m + 188.57

= 400.57 m

अत: पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश कुल लम्बाई = 400.57 m

पथ के आयताकार भाग के क्षेत्रफल की गणना

हम जानते हैं कि आयत का क्षेत्रफल = लम्बाई × चौड़ाई

अत: दिये गये आयताकार पथ के एक भाग का क्षेत्रफल = 106 m × 10 m

= 1060 m2

अत: पथ के दोनों आयताकार भागों का क्षेत्रफल = 2 × एक आयताकार भाग का क्षेत्रफल

= 2 × 1060 m2

= 2120 m2

अत: पथ के कुल आयताकार भाग का क्षेत्रफल = 2120 m

पथ के अर्धवृत्ताकार भाग के क्षेत्रफल की गणना

पथ के अर्धवृत्त की आंतरिक त्रिज्या = 30 m

पथ के अर्धवृत्त की बाहरी त्रिज्या = 40 m [चूँकि पथ 10 m चौड़ी है]

चूँकि पथ के दोनों सिरों पर दो अर्धवृत्त हैं,

अत: दोनों अर्धवृत्तों को जोड़ने पर कुल एक वृत्त बनेगा

अब हम जानते हैं कि वृत्त का क्षेत्रफल = π r2

अत: पथ के आंतरिक वृत्ताकार भाग का क्षेत्रफल = π (30 m)2

= π 900 m2

पथ के बाहरी वृत्ताकार भाग का क्षेत्रफल = π (40 m)2

= π 1600 m2

अब पथ के वृत्ताकार भाग का क्षेत्रफल = पथ के बाहरी वृत्त का क्षेत्रफल – पथ के आंतरिक वृत्त का क्षेत्रफल

= π 1600 m2 – π 900 m2

= pi; (1600 – 900) m2




= 2200 m2

अत: पथ के वृत्ताकार भाग का कुल क्षेत्रफल = 2200 m2

अब पथ का कुल क्षेत्रफल = पथ के आयताकार भाग का क्षेत्रफल + पथ के वृत्ताकार भाग का क्षेत्रफल

= 2120 m + 2200 m

= 4320 m2

अत: पथ का क्षेत्रफल = 4320 m2

अत: (a) पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश एक पूरा चक्कर लगाने में चली गई दूरी = 400.57 m उत्तर

और (b) पथ का क्षेत्रफल = 4320 m2 उत्तर

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